सवाल?????? जिंदगी???????जाने क्या????
रूके हैं कुछ खारे से पल.... पलकों की दहलीज़ पर... देते हैं दस्तक हर पल.... कैसे दूं इज़ाज़त.... ज़मीन नहीं पैरों तले... साया नहीं आसमां का... सर पर.. जाने किस ज़मीन पर... चलते हैं कदम... दिन कभी ढलता नहीं.... ना कभी होती है सहर... जाने किस घड़ी की... सूईयो...
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[15 Dec 2007 12:12 PM]



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