मोहे सुहागन कीनी रे

प्रत्येक वाणी में महाकाव्य... किसी-किसी के लेखन में अमरत्व का गुण इस कदर होता है कि भुलाए नहीं भूलता। सलीके से हिन्दी के पहले कवि अमीर खुसरो का लिखा कितने बरसों से गाने वालों के लिये इंस्पिरेशन रहा है। अब इस गीत को ही लीजिये। बचपन में जब वो फ़िल्मी गीत सुना था तो उसका मुखड़ा समझ मे... [पूरी पोस्ट]
writer महेन
views
7
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[10 Sep 2008 11:30 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix