पुज गये महाशय
पुज गये महाशय। सौभाग्य की बात है हर विलुप्त प्राय वस्तु की तरह आपका का भी एक दिन आ ही जाता है। सुबह से इठलाने का आनंद ही कुछ निराला है। शाम हुई और भूखी-प्यासी पत्नी ने जब चंद्रमा को याद किया तो आप साक्षात सिर से पांव तक कांप गये होंगे। जब पत्नी ने आप...
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betuki@bloger.com
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[17 Oct 2008 13:44 PM]



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