खंडहर
बहुत दिनों से विवाह समारोहों में व्यस्तता के चलते कुछ लिख नहीं सका। या यों कहें, शादियों में कारगिल सा युद्ध लड़कर ही लुत्फ उठा रहा था। विवाह समारोह भी अब सामान्य नहीं रहे। रिश्तेदारों को बुलाने से लेकर उनको खिलाने तक में बहुत कुछ बदल गया है। एक देहा...
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betuki@bloger.com
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[25 Nov 2008 14:27 PM]



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