दुर्गा पूजा की वो सुनहरी शाम, जब मैंने पहली बार साड़ी पहनी थी......
यादें जालिम भी होती हैं , तो हसीन भी होती हैं . दिल को जितना तड़पाती हैं , उतना ही सुकून भी दिया करती हैं . कभी कभी तो ये यादें इंसान के अन्दर एक दुनिया सी आबाद कर देती हैं . यादों का मेरी जिंदगी में बड़ा अहम् रोल है. यादों में मैं जीती तो नही, लेकिन...
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rakhshanda
दशहरा
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[10 Oct 2008 01:25 AM]



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