"शबे-फुरकत"

शबे-फुरकत" " शबे-फुरकत थी , "और" जख्म - पहलु में, कोहे - गम ने की , शब- बेदारीयाँ हमसे... (शबे फुरकत- विरह की रात , कोहे - गम- दुःख का पहाड़ , शब - बेदारीयाँ - रात को जागना )... [पूरी पोस्ट]
writer seema gupta
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[13 Nov 2008 23:12 PM]

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