तुम्हारी याद है

तुम्हारी याद है " एक तरफ़ तुम हो तुम्हारी याद है, दूसरी जानिब ये दुनिया है कोई बरबाद है, तीसरी जानिब कोई मासूम सी फरियाद है . वस्ल के लम्हों में भी तनहा रहे, तुम को गुज़रे वक्त याद आते रहे, तुम से मिल कर भी तो दिल नाशाद है ...... दर्द-ओ-गम की ताब जो न... [पूरी पोस्ट]
writer seema gupta
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[13 Nov 2008 23:15 PM]

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