"आज"

आज" जैसे कुछ दिल बदल गया हो आज, यार ख़ुद से बहल गया हो आज, तुम अगर सुन नही रहे हो बात, मेरा दिल क्यूँ मचल गया हो आज ? क्या पता खत लिख नही पाता, या नई चाल चल गया हो आज, क्यूँ ये मौसम भी खुशगवार नही, हवा का रुख बदल गया हो आज ! एक नशा था उतर नही पाता, त... [पूरी पोस्ट]
writer seema gupta
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[09 Sep 2009 01:01 AM]

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