काश मेरे नसीब में

मेरी परिक्रमा... काश मेरे नसीब में ,रब बख्शी सौगात हो दिल डूबा हो तुझ में,चाँद तारों से बात हो नज़रे ज़ीक़ झुकी रहे,मगर तुझे देखती रहूँ इब्तदा इश्क की सहर, तन्हा मुलाकात हो मुद्दतें बीतीं दीदार को, जलवे देखे जो यार के सीने पर लब निसार, आँसुऑ की बरसात हो जख्म लगे पैरों म... [पूरी पोस्ट]
writer Anupama
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[10 Dec 2008 21:41 PM]

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