चाँद ,कवि और अभियान (व्यंग्य )
चाँद पर पहुंचना इन्सान की पुरानी ख्वाहिश रही है । चाँद को लेकर कवि गण न जाने क्या -क्या लिखते रहे । किसी ने "चन्द बदन मृग लोचनी बाबा कही कही जाए " लिखा तो किसी ने "चौहदवीं का चाँद हो या आफ़ताब हो "लिख डाला । कोई महानुभाव "चाँद जैसे मुखड़े पर बिंदिया स...
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Atul CHATURVEDI
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[06 Nov 2008 11:49 AM]



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