मेरा दर्द न जाने कोय
संजय कुमार जब्र भी देखा है तारीख की नजरों ने, लम्हों ने खता की थी, सदियों ने सजा पायी हैं बांग्लादेश में रह रहे बिहारी मुसलिम समुदाय पर यह बात अक्षरश: उच्चरित होती हैं भारत -पाकिस्तान के बीच जब बंटवारा हो रहा था, तो भारत के उर्दू भाषी सभी बिहारी मुसल...
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sanjay
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[14 Jun 2008 09:24 AM]



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