हर बार कि तरह एक बार फिर बेबस......,
साल दर साल लोग भले ही प्रगति करते जाए लेकिन हर बार कि तरह प्रकृति के आगे वेबस हो ही जाते हैं। बचपन से सुनते आ रहें हैं कि मधेस इलाके की शोक है कोसी। कुवांरी नदी कही जानेवाली कोसी के रौद्र रुप को देखकर भय लगना स्वाभाविक लग रहा है। हरबार की भांति अब स्...
[पूरी पोस्ट]
Rajiv Ranjan Singh
10
0
0
0
0
[09 Sep 2008 10:29 AM]



Shuffle








