आशा का गीत : आशा के लिए
बस ना धुलें अच्छे समय के वास के दिन वह संग चलते मरमरी अहसास के दिन जो अंत से होते नहीं भी ख़त्म होकर सच ठीक वैसे मृदुल के परिहास के दिन हल्के कदम की धूप के, टुकड़े रहें जी सरगर्म शामों के धुएँ, जकड़े रहें जी राजा रहें साथी मेरे, जो हैं जिधर भी बाजों को...
[पूरी पोस्ट]
जोशिम
7
0
0
0
0
[03 Apr 2008 16:58 PM]



Shuffle








