अधिकारी-नेता-कलर्क सबने

भोर सृजन संवाद मेघराज (एक) गृहणियों ने घर के सामानों को धूप दिखाकर जतना दिया है छतों की मरम्मत पूरी हो चुकी है नाले-नालियों की सफाई का टेंडर पास हो गया है अधिकारी-नेता-कलर्क सबने अपना हिस्सा तय कर लिया है और तुम हो कि आने का नाम ही नहीं ले रहे हो चक्कर क्या है मेघर... [पूरी पोस्ट]
writer प्रदीप मिश्र
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[22 Jul 2008 02:48 AM]

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