हमारे समय से उम्मीद

भोर सृजन संवाद अभी कल ही संसद की भयानक और शर्मसार करनेवाली कार्यवाही से रूबरू हुआ और आज समय के उम्मीद पर कुछ कहना अत्यन्त कठिन है। क्योंकि हम जिस वर्तमान में जी रहे हैं, उसका भविष्य मनुष्यों का भविष्य नहीं है। कुछ अजीब किस्म की सभ्यता की तरफ बढ़ रहे हैं, जहाँ सामने... [पूरी पोस्ट]
writer प्रदीप मिश्र
views
8
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[23 Jul 2008 08:35 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix