दिल्ली में ना होने का मतलब !

अपनीबात... दिल्ली क्या छूटी अपनों ने तो जैसे बिसरा ही दिया। मोहब्बती दोस्त हों या साहित्यकार मित्र, पत्रकार परिवार के सदस्य हों या एनजीओ बिरादरी के सखा, अब हर कोई क्रमशः भूलता जा रहा हैं । कभी -कभार कुछ लोगों का फ़ोन गलती से आ भी जाता है तो बस वही एक सवाल कहाँ... [पूरी पोस्ट]
writer आशेन्द्र सिंह
views
4
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[19 Dec 2008 04:36 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix