हे राम !

कनफुसकी कितनी स्थितियों में आपके पास व्यक्त करने के लिए ये पूणॆ या अपूणॆ वाक्य होता है। देखते हैं... १. जब आप या आपका चप्पल गूं से सन जाए २. आप अपने किसी संगी के किसी कृत्य से अफसोस करने की स्थिति में पहुंच जाएं ३. आपके आसपास की परिस्थितियां आपके वश में न हो... [पूरी पोस्ट]
writer रमेंद्र
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[16 Sep 2007 16:18 PM]

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