खइबऽ तबऽ न जनबऽ

कनफुसकी मरदे बूझला न, खाई-पीए के बात करैत हतियो. तनि ध्यान न द एहि बगल. हम गेल रहली ह ट्रेड फेयर में. उहां बहूते चीज सब बिकाइत रहय. मगर हमरा आ हमर एगो साथी, उहे श्याम सुंदर (न चिन्हलहू कि ?), के लिट्टी-चोखा पर ध्यान रहे. तकइत-तकइत बिहार के पंडाल (पवेलियन) मे... [पूरी पोस्ट]
writer रमेंद्र
views
4
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[24 Nov 2007 12:25 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix