भगवान के नाम

इनर वायॅस मेरी बहुत पहले लिखी एक कविता सभी कहते हैं, भगवान का नाम अमर है, अजर है ना खत्म होने वाली रोशनी और हवा है भगवान अद्श्य होकर भी एक द्श्य प्राणी सा हम सभी के दिलों में विद्यमान ज्योति सा प्रज्वल्लित है भगवान दिलों के किसी कोने में बैठा उस आदमी सा जो वक्... [पूरी पोस्ट]
writer संगीता मनराल
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[12 May 2008 00:46 AM]

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