तुझे चैन ना आये मेरे बिन
ये दुआ है अतिशे इश्क़ मे के तू मेरी तरह से जला करे ना नसीब मे शरबत-ए-वस्ल हो सदा ज़हर-ए-गम तू पीया करे तेरे सामने तेरा घर जले तेरा बस चले, तू बचा ना सके ना खुदा दिखाये तुझे खुशी आये खैर से वो भी दिन तुझे चैन ना आये मेरे बिन ना लगाऊ मै तुझे गले मिनते तू...
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Ravi Srivastava
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[03 Sep 2008 02:36 AM]



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