मानवता से समझौता करने से कहीं बेहतर है राष्ट्रीयता से समझौता
आदरणीय डा० मनमोहन सिंह जी , चरण कमलों में सादर प्रणाम ! मनमोहन सिंह जी आप के सम्बन्ध में कहते हुए होंठ हिलने लगते हैं , जीभ थरथराने लगती है । डर से नहीं बल्कि आप का व्यक्तित्व हीं इतना प्रभावशाली है ! २१ वी सदी के गाँधी , जन्म से भारतवंशी यानि भारतीय...
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janokti
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[15 Sep 2009 11:55 AM]



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