पराया

Hindi Poems by Archana Panda दिल में फिर सिहरन सी ? किसका ये साया है ? वीराने दिल में फिर रहने कोई आया है ..... कहता है दिल तुमको हाथों से छूलूं , डर है न टूटे जो रिश्ता बनाया है ..... मुझपे तो थी , सारी दुनिया की बंदिश , दिल मेरा तुमपे किस तरह से आया है ? गर है हकीक़त , ये कैसे... [पूरी पोस्ट]
writer kavitaprayas
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[02 Sep 2008 16:53 PM]

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