चाँद - चकोर

Hindi Poems by Archana Panda किसी गुलसितां में चहकती थी हरदम , दो आंखों में उसकी महकती थी शबनम , सभी फूल पाती उसी पर फ़िदा थे , जो गूंजे सदा में उसी की सदा थे | थी लाडो सभी की चहेती चकोर , कूदती भागती थी वो चारों ही ओर , था मासूम दिल ऐसा , भोली सी सूरत , थी उसके लिए ये जहाँ खूबसू... [पूरी पोस्ट]
writer kavitaprayas
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[05 Sep 2008 20:20 PM]

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