बदन पे सितारे लपेटे हुए......
दोस्तो, आपने मेरी ग्रामोफोन गाथा को पसंद किया और इसका पहला भाग भी आपने देखा. आप सभी का शुक्रिया. हमारे कई संगीतप्रेमी मित्रों ने सलाह दी कि इस मजेदार गाथा को आगे भी जारी रखा जाए. आप सबों का अनुरोध मैं कैसे ठुकरा सकता हूँ. वैसे भी यूनुस भाई ने अपने वि...
[पूरी पोस्ट]
डॉ. अजीत कुमार
8
0
0
0
0
[20 Feb 2008 21:18 PM]



Shuffle








