प्रेम का अनगढ़ शिल्प एवं अन्य कविताएं
यह मेरा सौभाग्य है कि मेरी कविता-पुस्तक बीत चुके शहर में पढ़ने के बाद कुँवर जी ने मुझे अपनी प्रतिक्रिया भेजी और संग्रह की कुछ कविताओं को विशेष रूप से रेखांकित करते हुए मेरी रचनात्मकता को प्रोत्साहित किया है। उनके शब्द मेरे लिए अत्यंत मूल्यवान हैं। कुँ...
[पूरी पोस्ट]
योगेंद्र कृष्णा Yogendra Krishna
3
0
0
0
0
[19 Apr 2009 04:03 AM]



Shuffle








