सफर की कतरनें

इन्द्रधनुष दिवाली पर ९ दिन के लिये घर जाना हुआ। रिजर्वेशन कन्फर्म नही हो पाया था, सो जाते समय तो जनरल डब्बे में बैठ कर गया। बहुत सालों बाद ट्रेन के जनरल डब्बे में बैठने का मौका लगा। हैदराबाद से भोपाल तक का रात भर का सफर था और ट्रेन में दिवाली की भीड का अंदाजा त... [पूरी पोस्ट]
writer Nitin Bagla
views
12
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[06 Nov 2008 01:14 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix