हिंदी : तब और अब
जब भारत परतंत्र था, तो उर्दू और अंग्रेजी को राजकीय संरक्षण प्राप्त था। हिंदी अपने ही घर में उपेक्षित हो गई थी। आजादी की लड़ाई के दौर से ही यह विचार उभर रहा था कि देश की राष्ट्रभाषा को प्रमुखता मिले। विदेशी भाषा के स्थान पर देश की कोई सर्वमान्य भाषा प्...
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Bijen Salam
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[14 Sep 2008 10:46 AM]



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