जलियांवाला बाग की लहर चहूं दिशा में...
मनोज कुमार राठौर स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में 13 अप्रैल 1919 का दिन आँसुओं की बूंदों से लिखा गया है, जब अंग्रेजों ने अमृतसर के जलियांवाला बाग में सभा कर रहे निहत्थे भारतीयों पर अंधाधुंध गोलियां चलाकर सैकड़ों लोगों को मौत के घाट उतार दिया। मरने वालो...
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manoj
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[26 Mar 2009 02:02 AM]



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