सुंदर दिखाई दे
हों बंद पलकें रोशनी भीतर दिखाई दे; तो ज़िन्दगी कुछ और भी सुंदर दिखाई दे। जब आदमी की आस्था विश्वास तक पहुंचे, तो राह का कंकर दया शंकर दिखाई दे। अनमोल होगा जौहरी की आँख में हीरा, फक्कड़ फकीरी आँख को पत्थर दिखाई दे। जब पोंछते हैं धूल मन के बंद दर्पण की,...
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chandrabhan bhardwaj
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[15 Mar 2009 03:19 AM]



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