बारिश में एक कविता

हिन्दी मीडिया िसतारों-की झिलमिलाती दीपमालिका। अंधेरी सुबह का जुनून बिखरी हुई हवाअों का झोंका। टप-टप बरसती बूँदें अौर सोंधी महक तुम्हारी स्मृति की। बदली अौर तारे एक साथ विरुद्धों का सामंजस्य तुम अौर तुम्हारी याद... [पूरी पोस्ट]
writer राम प्रकाश द्विवेदी
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[19 Aug 2009 06:56 AM]

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