कुछ भूलें कुछ याद रहा...
सूरज चांद सितारे मेरे साथ में रहे जब तक तेरे हाथ मेरे हाथ में रहे शाख से टूट जाएं वो पत्ते नहीं हैं हम आंधियों से कह दो औकात में रहे " ये लाइन्स मुझे मेरे किसी जानने वाले ने लिखी थी....एक अरसा गुजर गया....उनसे कभी मुलाकात नहीं हुई...आज वो याद आए....म...
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archana rajhans
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[19 Jun 2008 06:28 AM]



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