पत्रकारिता क्या सचमुच ही सूचनाओं को इधर से उधर पहुंचाने का ही नाम है
आजकल पत्रकारिता को सूचनाप्रद पत्रकारिता बना दिया गया है । जैसे मुख्यमंत्री आए, कलेक्टर ने ऐसा कहा, अमुक पार्टी ने धरना दिया, फलाने नेता ने ऐसा का । मतलब कि कुलमिलाकर बात वही है कि सूचनाएं ही सूचनाएं हैं । पाठकों का समामान्य ज्ञान बढ़ाए रखने की पूर...
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पंकज सुबीर
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[12 Jun 2008 23:02 PM]



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