अब समाचार पत्र वाले शायद पाठकों को मूर्ख समझने लगे हैं ।
कल ही मैंने जागरण के बारे में लिखा था और आज ही अपने दूसरे फेवरेट पर कलम चलानी पड़ रही है । कल नवदुनिया जो कि वास्तव में नई दुनिया है और हमारे यहां पर नाम बदल कर नवदुनिया के नाम से आता है । कुछ दिनों से मैं देख रहा हूं कि कि नवदुनिया में ऐसे समाचार ह...
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पंकज सुबीर
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[16 Dec 2008 01:45 AM]



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