चल राज ठाकरे घर आपनो
एक ई-मेल आया, जिसे हू-ब-हू आपके सामने रख रहा हूँ। भेजने वाले की मंशा सामाजिक चेतना जागृत करने की है, पर मैं नहीं जानता कि बेहया मोटी खालों में ऐसी सूई चुभेगी या नहीँ। यद्यपि ये बातें गूढ़ नहीं हैं, फिर भी तार्किक और विचार्णीय हैं। मुलाहिज़ा हो - This i...
[पूरी पोस्ट]
हर्ष प्रसाद
6
0
0
0
0
[01 Nov 2008 13:17 PM]



Shuffle








