ज़रा एक नज़र इधर भी
कोई ब्लॉगर साथी इसका तर्जुमा हिन्दी में कर दे तो मेहरबानी होगी। इस प्रविष्टी का ब्लॉग जगत ही नहीं दूसरी जगहों में भी पढ़ा जाना नितांत आवश्यक है। ये शोभा डे द्बारा लिखित 'Bombay Times' में छपा लेख है जो मुझे ई-मेल के ज़रिये मिला। हालांकि लेखिका के कथा स...
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हर्ष प्रसाद
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[05 Nov 2008 10:51 AM]



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