मेरा आना और उनका जाना...
पुण्यतिथि-15 जनवरी) हर रोज न जाने हम कितने लोगों से मिलने की ख्वाहिश करते हैं, लेकिन मुलाकात सिर्फ उन्हीं से होती है, जहां दिल से पुकार होती है। पिछले साल लोहड़ी पर घर आने की कोई प्लानिंग नहीं थी। शायद कमल अंकल के अंतिम दर्शन नसीब में थे, जो बिना किस...
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Dileepraaj Nagpal
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[14 Jan 2009 14:40 PM]



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