खुशबू है 'वह' विभिन्न रंगों की…!!!

Divine India थोड़ा-थोड़ा साथ उसी का, सत्य भी है अखंड भी … मेरे अंगों की खुशबू, मेरा अहंकार है वह … अफसाना भी है वह , कोई तराना भी है … लेखक की कल्पना है वह , कोई कलम की रवानगी भी है कहानी भी है वह , कोई दिलकश प्रेमी का नूर भी … सपना है अहसास और साक्षी है वह कर्तव्य... [पूरी पोस्ट]
writer Divine India
views
10
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[29 Jul 2007 02:27 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix