जागेगा इंसान अगर…!!!
लाखों आये और चले भी गये अपनी-अपनी परिधियों को लांघकर … अपने स्वप्नों के सत्य साकार को दिखाकर निर्माण किया प्रबुद्धता…विघ्नों को बाहों में समेटकर कइयों की विरोचित कथाएँ की है हमने चर्चित भी कालातीत हुई हैं… अब यादें उनकी पर क्या कुछ सीखा है हमने इनकी...
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Divine India
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[17 Jul 2007 14:47 PM]



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