ननिहाल ञ कहता है प्यारे बच्चों, सुन लो ध्यान से मेरी बातें, ङ, ञ, ण हैं, हिंदी के ऐसे वर्ण, जो किसी शब्द में पहले नहीं आते, पर शब्दों में बने रहकर, ये अपना भान सदा कराते। अधिक बार ये आधा ही आते, और अपनी जगह बिंदी दे जाते, जैसे- चंचल, गंगा, ठंडा, मंगल, मंजु... [पूरी पोस्ट]
writer प्रभाकर पाण्डेय
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[27 Nov 2008 08:30 AM]

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