चंदा मामा दूर के,

Chhutpan ki Kavitayen यह कविता भी हमें रेखा दी के सौजन्य से मिली है। हालांकि यह बहुत पुरानी कविता है और लगभग सभी को पाता है, फ़िर भी इसे यहाँ देने का अपना लुत्फ़ है। चंदा मामा दूर के, पुए पकाए गुड के , आप खाए थाली में, मुन्ने को दें प्याली में, प्याली गयी टूट, मुन्ना गया र... [पूरी पोस्ट]
writer Vibha Rani

बाल कविता

views
9
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[06 Nov 2008 02:34 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix