बहुत दिनों तक चूल्हा रोया
इस बार एक कविता बाबा नागार्जुन की। इसे मैंने अपनी बड़ी बिटिया तोषी को सिखाया था, जब वह ६ या ७ साल की थी। उसने अपने स्कूल में इसे सुनाया था। इस कविता की खासियत यह है की यह हर उम्र, हर वक़्त, हर काल के लिए माजून हाय। इस कविता की एक और खासियत है की इसमे क...
[पूरी पोस्ट]
Vibha Rani
बाल कविता
12
0
0
0
0
[24 Nov 2008 09:36 AM]



Shuffle








