दोस्त और बचपन की यादें = Pradeep Manoria
दोस्त तेरी याद बहुत आती है / यादें तेरी या उन लम्हों की जो बिताये थे तेरे साथ बचपन में /आज भी ताजा हैं वे याद पचपन में /दोस्त तेरी याद बहुत आती है / स्कूल से गोल मार अमरूद के बगीचे में /दौड्ते दौड्ते जामफ़ल तोडते / माली का डर भी मन में भरा हुआ / पेड...
[पूरी पोस्ट]
प्रदीप मानोरिया
friend
11
0
0
0
0
[23 Dec 2008 23:25 PM]



Shuffle








