धक्का-अष्टक = प्रदीप मानोरिया
धक्का की महिमा बड़ी , करना सोच विचार |धक्के से ही होत हैं, काम अनेक हज़ार ||
धक्के से ही चल रही हिंद देश सरकार |मेडम धक्का देत हैं , ड्राइवर है सरदार ||1||
धक्का मंदी का पायकर , औंधा शेयर बाज़ार |अब तेज़ी का मुंह तके , धक्के का इंतज़ार ||2||
इस मंदी...
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प्रदीप मानोरिया
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[26 Dec 2008 23:27 PM]



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