सुनो!! तुम लौट आना
उदास शामों की सिसकियों में .. कभी जो मेरी आवाज़ सुनना , तो बीते लम्हों को याद कर के , इन्ही फिजाओं मे लौट आना .. तुम आया करते थे खवाब बन कर , कभी महकता गुलाब बन कर , मैं खुश्क होंठों से जब पुकारूँ , इन अदाओं मे लौट आना … मेरी वफाओं को पास रखना , मेरी...
[पूरी पोस्ट]
राज यादव
8
0
0
0
0
[24 May 2009 00:26 AM]



Shuffle








