तुम्हारा ख्याल

kuch sapno ki khatir वो महकता हुआ सा तुम्हारा ख्याल आज मुझे क्यूँ आ गया ! जागते में तुम्हारा सुनहरा सा ख्वाब दिल को क्यूँ बहला गया ! वो महकता हुआ सा तुम्हारा ख्याल !! तुम्हे तो भुला ही चुकी थी मैं कब का अचानक तुम्हारा चेहरा याद मुझे क्यूँ आ गया ! वो महकता हुआ सा तुम्हारा... [पूरी पोस्ट]
writer शिवानी
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[18 Aug 2008 08:26 AM]

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