हम हौंसलों की ढाल लेके बढते जाएंगे.
आहिस्ता आहिस्ता हम भी सीख जाएंगे आपकी तरह ही हम भी मुस्कुराएंगे. शब्द एक अर्थ सबके अपने अपने हैं आपकी पसंद का गीत हम न गाएंगे. रास्तों की दूरियों के मायने हैं क्या मंजिलों से पहले हम तो रुक न पाएंगे. हाथ में हथियार लेके लड रहे है सब, हम हौंसलों की ढा...
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योगेश समदर्शी
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[23 May 2007 00:19 AM]



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