आई मुझको याद गांव की.......
आज सवेरे बींच शहर मे एक नन्हे बालक को देखा साहब देखे एक कार में, एक रिक्शा चालक को देखा साहब ब्रेड चबाते देखे, रिक्शा चालक पैर चलाते बालक रोटी मांग रहा था मैं था दर्शक पथ पर जाते पेड के नीचे रुक कर झाडी मैने मैली धूल पांव की आज ना जाने क्योंकर आई, आई...
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योगेश समदर्शी
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[28 Sep 2007 04:42 AM]



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