गीत
प्यास हूँ मै जिंदगी की प्यास हूँ , धूप का जलता हुआ अहसास हूँ , चाहता था मै गगन चूमूं कभी , पुष्प की इक पांख सा झूमूं अभी , पर चुभन से गीत मेरे रह गए , कूल सा ठहरा रहा मै ,धार से तुम बह गए , जान कर सबकुछ बुरा लगता नहीं , कोई सपना प्यार का जगता नहीं ,...
[पूरी पोस्ट]
डॉ.भूपेन्द्र कुमार सिंह
4
0
0
0
0
[29 Jul 2009 04:52 AM]



Shuffle








