नया साल

रजनीगन्धा आया नया साल ढलते दिन के साथ, साँसे बह चली, लिये नूतन दिवस के पराग। आया नया साल बदलती तिथि के साथ, अहसासों की गिलौरी में बस गई है मीठी आस आया नया साल पुराने दिनों के साथ आस्था की मौली बाँधी, नए सूर्योदय के साथ। आया नया साल गुज़रते सपनों के साथ, खुरदरे... [पूरी पोस्ट]
writer रजनी भार्गव
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[09 Jan 2008 21:14 PM]

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