तेरे बिन……

Gaurav Sangtani तेरे बिन मैं इस जीवन को गुज़ारूं कैसे . हर घड़ी सोचता हूं तुझको जहन से उतारूँ कैसे.. जब कोई आहट ना हुई, ना ही कोई दस्तक दी तुमने, कैसे चले आए इस दिल में, दिल को संभालूं कैसे.. तेरे बिन मैं इस जीवन को गुज़ारूं कैसे . हर घड़ी सोचता हूं तुझको जहन से उता... [पूरी पोस्ट]
writer Gaurav Sangtani

dreamsख्वाब

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[26 Aug 2007 06:09 AM]

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